Ticker

6/recent/ticker-posts

Advertisement

IP address क्या होता है

     जब भी आप ऑनलाइन शॉपिंग के लिए आप डिलीवरी के लिए एक एड्रेस देते हैं जिससे आपका सामान आपके पास पहुंच जा सके अगर यह एड्रेस नहीं देते तो क्या आपका समान पहुंच पाता नहीं न 

     ठीक उसी प्रकार से इंटरनेट का प्रयोग करते बहुत सारा डाटा सेंड और रिसीव करते हैं अधिकतर टाटा रिसीव करते हैं डाटा  रिसीव करने के लिए का एड्रेस होता है

     यहां पर आईपी ऐड्रेस काम होता है आइए जानते हैं  विस्तार से आईपी ऐड्रेस के बारे में  और यह क्यों महत्वपूर्ण होता है?
    IP address kya hai hindi

    IP address क्या होता है

    IP address  का पूरा नाम "इंटरनेट प्रोटोकॉल एड्रेस" (IP Address Full Form in Hindi) होता है और यह  गणितीय रूप में होता हैIP address प्रयोग करके नेटवर्क से जुड़े कंप्यूटर्स और नेटवर्क डिवाइसेज की पहचान करने के लिए करता हैI

      इन एड्रेस को IP-Address कहते हैं I  और हर डिवाइस की IP-address अलग अलग होता हैI  प्रत्येक आईपी एड्रेस ( IP-Address)यूनिक होता हैI 

      अर्थात दो डिवाइस का IP-Address  कभी  समान   नहीं हो सकता हैं  आईपी एड्रेस की सहायता से अधिक से अधिक डिवाइस को आपस में जोड़ सकते हैं और डाटा और फाइल को सेंड कर सकते हैंI

    IP address को  इंटरनेट नेटवर्क इनफॉरमेशन सेंटर Internet Network Information Center_InerNIC द्वारा व्यवस्थित और संचालित किया जाता हैI

    IP address types in hindi

    Static ip address in hindi


    Static IP address  हम सारे के सारे  Configuration मैन्युअली manually  या static करते हैं 

     Static IP address  इंटरनेट द्वारा कॉन्फ़िगर  किया जाता है Static IP address को  change बदला नहीं जा सकता है 

     जब तक  उपयोगकर्ता इसे बदलना नहीं चाहताI  यूजर को एक सिस्टम के ऊपर खुद जाकर manually configure  करना पड़ता है I

    Static IP Disadvantage in hindi

    1. Static IP को बदला नहीं जा सकता है

    2.Static IP में  सुरक्षा की कमी क्योंकि इसमें आईपी एड्रेस एक ही होता है

    3.Static IP में  आप जो भी इंटरनेट में सर्च करते है  क्या देखते हैं  आपकी सारी activty Static IP  बता देता है

    4.Static IP  आसानी से     ट्रैक किया जा सकता है

    Dynamic ip address in hindi : Dynamic IP address  को आसानी से   बार-बार बदलता है  और यह  DHCP सर्वर का प्रयोग करके configure  किया जाता है  


     Dynamic IP address जो automatically ही  आपके स्मार्टफोन टेस्टर जैसे नेटवर्क के  मिल जाता है  आपको configure  नहीं करना पड़ता होता है I 
     Iease duration  के द्वारा DHCP  यह निर्धारित करता है

     कि  एक आईपी ऐड्रेस  कितने दिन तक काम करेगा lease में  जितना दिन save किया जाता है इतने दिन तक ip-address एक  ही  रहता है और  आईपी एड्रेस बदल जाता है

    Dynamic Disadvantage in hindi
    1.इसके लिए आपको DHCP सर्वर  होना चाहिए ताकि आईपी एड्रेस को असाइन कर सकें |

    2.अगर आप एक वेबसाइट Dynamic IP address  का प्रयोग करते हैं तो    यह अच्छी तरह से काम नहीं करता क्योंकि इसका आईपी एड्रेस हमेशा  बदलता रहता है

     IP address version in hindi pdf

    IP address  दो version का होता है I

    1. IPv4
    2.IPv6

    IP address version IPv4


     सबसे पहला IPv4 version होता है  जिसे 1983 में विकसित किया गया था I IPv4 1 32 बिट की होता है 

    बाइनरी एड्रेसिंग स्कीम A bit Binary Addressing Scheme  का प्रयोग करके नेटवर्क्स से जुड़े होते हैंI
     
     इंटरनेट पर प्रत्येक होस्ट का राउटर का एक IP address क्या होता है

     होता है जो उस नेटवर्क नंबर और होस्ट नंबर को इनकोट करता  हैIPV4बाइनरी,
    हेक्साडेसीमल आदि रूप में दिखाई देता है.

     प्रत्येक ip-address 32 फिट का होता हैI  जिसका प्रयोगIP पैकेट के सोर्स एड्रेस और डेस्टिनेशन एड्रेस  फील्ड्स में होता है 

    IP version IPv4 की कमी :

    IPv4 में IP  एड्रेस की उपलब्धता की कमी नेटवर्क लेयर की सिक्योरिटी की कमी और रूटिंग  की कमी IPv4 में 32 बिट की  एड्रेस लंबाई प्रोटोकॉल को करीब-करीब 4 करोड़  डिवाइस को ऐड करने की क्षमता देता है  किसी विशेष कारण से IPv6  को विकसित किया गयाI

    NOTE: प्रत्येक ip-address को दो हिस्से में बांटा जाता है

     पहला नेटवर्क ऐड्रेस  Network Address  अर्थात Network-ID  और दूसरा पोस्ट ऐड्रेस Host Address अर्थात Host ID यह पांचो  क्लास नेटवर्क्स और होस्ट्स Hosts     अलग-अलग अधिक संख्याओं    समर्थन करते हैं  l


    प्रत्येक IP address 32 bitबिट  का होता है जिसे आसानी से प्रयोग करने के लिए बाइनरी  स्वरूप में दिखाने के स्थान पर हम dotted decimal form  डॉटेड डेसीमल फॉर्म  में   प्रदर्शित किया जाता है  l
     

    IP address classes in hindi

    Class A IP address : Class A address का पहला बिट हमेशा शून्य (0) होता हैं और अगले सात बिट नेटवर्क नंबर के लिए होते हैं I Class A एड्रेस रेंज, 1. 0. 0. 0 से 126. 0. 00 तक होती हैं I

     Class A एड्रेस  अधिकतम 16,774,214 होस्ट एड्रेस का  समर्थन करता हैI  और इन में होस्ट की संख्या बहुत अधिक होती है परंतु के अधिकतम 128 नेटवर्क  हो सकते हैं  l


    Class B  IP address :  एड्रेस के पहले दो  बिट 10 होते हैं और अगला 14बिट  नेटवर्क नंबर के लिए होते है  और अंतिम 16 बिट होस्ट एड्रेस के लिए होता हैं I

    Class B एड्रेस की रेंज 128. 1. 0. 0 से 191. 254. 0. 0 तक  होता हैं और Class B एड्रेस  अधिकतम 65,534 यूनिक होस्ट एड्रेस का  समर्थन करता है I Class B के नेटवर्क की  अधिकतम संख्या 16,283 होता हैं I


    Class C IP address  :Class C एड्रेस के  पहले तीन  बिट110 होते हैं और अगला 21 बिट   नेटवर्क नंबर होता है और अंतिम 8 बिट का प्रयोग होस्ट की एड्रेस  के लिए किया जाता है  l

     और इसके एड्रेस की रेंज 192. 0. 1. 0 से 223. 255. 255. 254. 0होती हैं I  अनुष्का अधिकतम 2097, 152  हो सकता है  l


    Class D IP address : एड्रेस के पहले चार बिट 1110 होता हैं  इस एड्रेस का प्रयोग मल्टीकास्टिंग  के लिए  किया जाता है  l

     एक मल्टीकास्ट एड्रेस का एक यूनिट नेटवर्क हो एड्रेस होता है  और इसका रेंज 224. 0. 0. 0 से 239. 255. 254 तक होती है l


    Class D IP address :Class E   को Inter NIC  द्वारा अपने शोध कार्यो के लिए आरक्षित रखा गया है   अतः इंटरनेट पर प्रयोग के लिए रिलीज़  नहीं किया गया है  l

    Internet Protocol Version 6_ IP v6 


    IPv6  एक साधारण और Forward Compatible  प्रोटोकॉल है जो IPv4  का उपग्रडेशन Upgradation हैं 

     IPv6 में 128 बिट एड्रेस का  प्रयोग करता है IPv6  ना केवल बहुत बड़ी मात्रा में ऐड्रेस स्पेस उपलब्ध कराता है 

     इसका एड्रेस स्ट्रक्चर भी फ्लेक्सिबल हैं IPv6  तीन प्रकार के यूनिकास्ट  एड्रेस के साथ कार्य करता है

     IPv4  की class D  एड्रेस की एक नईIP address क्या होता है मल्टीकास्ट ऐड्रेस का प्रयोग करता है और एक नया एड्रेस टाइप का समर्थन करता है

    IPv6 features in hindi 


    1.रियल टाइम ऑडियो  ( Real Time Audio )

    2.ऑल वीडियो ट्रांसमिशन (Video Transmission )

    3.इंटरनेट लेयर एन्क्रिप्शन  के बीच   सिक्योरिटी (Internet Layer Encryption )

    4.होस्ट मोबिलिटी (Host Mobility )

    5.औटो कॉन्फ़िगरेशन (Auto Configuration )

    6.ऑटो रेकॉन्फ़िगरेशन (  Auto Reconfiguration )

    IP address कैसे पता in hindi 


    हम आपको IP Address पता करने के दो आसान तरीके बता रहे है.

    1. इंटरनेट सर्च द्वारा
    2. Command Prompt द्वारा
    1. इंटरनेट सर्च द्वारा 


    हम सबसे पहले आप जिस डिवाईस का IP Address जानना चाहते है. उस डिवाईस में किसी भी एक वेब ब्राउजर को खोल लीजिए. 

    Step .2

    अब ब्राउजर के सर्च बॉक्स में what is my ip लिखिए और Enter दबा दीजिए. ऐसा करते ही आपके डिवाईस का IP address  आ जाएगा.




    NOTE : इस इस तरह आप मोबाइल फोन का आईपी एड्रेस भी पता कर सकते हैं

    1. Command Prompt द्वारा 


    सबसे पहले Windows Start Button पर क्लिक कीजिए और सर्च बॉक्स में cmd टाईप कीजिए.

    इसमें की-बोर्ड की सहायता से Command Prompt में ipconfig टाईप कीजिए. और पर क्लिक कीजिए 



    Ipconfig टाईप करने के बाद Enterपर क्लिक कीजिए  आपके सामने Windows PC का IP Address आ जाएगा जो IPv4 के सामने दिखाई देगा.  



    About me:नमस्कार दोस्तों  मैं Sanjay kumar IT  इंजीनियरिंग छात्रों हूँ मुझे उम्मीद है कि आपको मेरी यह लेख   जरूर पसंद आई होगी  अगर मेरी पोस्ट  अच्छा लगे तो प्लीज शेयर और कमेंट करके जरूर बताइएगा I   अगर आप IT और CS   छात्र हैं  तुम्हारे इस पोस्ट को फॉलो करें हम आपको लिए कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के बारे में  पोस्ट शेयर करते हैं I  मेरी पोस्ट को पढ़ने के लिए आप सभी को दिल से बहुत-बहुत Thanks

    एक टिप्पणी भेजें

    0 टिप्पणियाँ